ईश्वरीय धर्म बीज-रक्षा

प्राण ऊर्जा ~ ब्लैक होल से बीज तक

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सफलता का विज्ञान ~ बीज-रक्षा

आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा, कि प्रकृति ने मनुष्यों को इस प्रकार से बनाया है कि हम अपने मन में जो भी सपना देखते हैं, वह स्वतः ही साकार हो जाता है.

फिर भी अधिकांश मनुष्यों के सपने साकार नहीं हो पाते हैं, क्योंकि एक विश्व-व्यापी ग़लतफ़हमी के चलते मनुष्यों ने अपने मस्तिष्क को ही मन समझ लिया है. इस ग़लतफ़हमी में प्रायः उन बीजों को नष्ट कर दिया जाता है, जहाँ वास्तव में हमारा मन होता है.

जिस तरह एक बीज में सम्पूर्ण वृक्ष छुपा होता है, उसी तरह एक बीज में सम्पूर्ण प्राणी और मनुष्य छुपा होता है. इस प्रकार, हमारा अवचेतन मन और चेतन मन दोनों ही हमारे बीजों में होते हैं. बीज डीएनए का लाल स्पाइरल, अवचेतन मन के रूप में हमारी आत्मा होता है, और बीज आरएनए का नीला स्पाइरल, हमारा चेतन मन होता है. इस प्रकार, हम अपने बीज के डीएनए में स्थित मन के द्वारा सोच-विचार करते हैं.

हम अपने बीज के मन के द्वारा जो सपना देखते हैं, वह सपना ही हमारे बीजों का फल बन जाता है. यह एक प्राकृतिक नियम है कि बीज ही फल बनाता है. प्रकृति में सभी वनस्पति, प्राणी और मनुष्य, बीज से फल प्राप्ति के एक समान सिद्धांत के आधार पर ही काम करते हैं.

जिस तरह एक बीज पहले वृक्ष बनाता है, और फिर उस वृक्ष पर अनेक बीजों से अनेक फल मिलते हैं. इसी तरह, एक बीज पहले हमारा शरीर बनाता है, और फिर शरीर में अनेक बीजों से अनेक सफलताओं के फल मिलते हैं.

बीज अपने मन के सपनों की सफलताओं के लिए शरीर में मस्तिष्क का निर्माण करता है. हमारा मस्तिष्क, हमारे बीज डीएनए के जेनेटिक कोड को वायरलेस नर्व सिस्टम के द्वारा प्रोसेस करता है और हमें मनचाही सफलता दिलाता है.

यदि आप अपने मनचाहे सपनों को प्राकृतिक रूप से साकार करना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि हमारा मन हमारे बीजों में होता है और हमारे बीज हमारे मन के सपनों को साकार करने के लिए अवचेतन रूप से काम करते हैं.

एक सफल जीवन जीने के लिए, हम मनुष्यों को सफलता का विज्ञान ~ बीज-रक्षा को समझना होगा. चूंकि हमारा मन हमारे बीजों में होता है और बीज ही फल बनाता है, इसलिए हमें मनचाही सफलता के फल तभी मिल सकते हैं, जब बीज-रक्षा का आजीवन पालन किया जाता है.

बीज से फल (सफलता)

दुनिया के वनस्पति और सभी प्राणी बीज-रक्षा का पालन करते हैं. मनुष्य को भी बीज से ही फल (सफलता) मिलता है

मनुष्य का मन बीज में होता है

हम मनुष्य बीज के मन के माध्यम से सोचते हैं. मन जो भी सपना देखता है, बीज उसे वास्तविकता में साकार कर देता है

मनुष्य जीवन के दो रास्ते

मरणं बिंदु पातेन, जीवनं बिंदु धारणात् अर्थात बीज-क्षरण विफलता रूपी मृत्यु है, बीज-रक्षा सफलता रूपी जीवन है

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स्वास्थ्य और सम्पदा का विज्ञान ~ बीज-रक्षा

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