ईश्वरीय धर्म बीज-रक्षा

प्राण ऊर्जा ~ ब्लैक होल से बीज तक

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एक अपील

विश्व के सभी व्यक्ति,
शिक्षाविद्, सेलिब्रिटी, धर्मगुरु, वैज्ञानिक, राजनीतिज्ञ, पूंजीपति

विश्व एक अपरिहार्य युग परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है. ईश्वरीय शक्ति सिर्फ बीज के माध्यम से ही फल देती है. बीज-रक्षा का पालन करने वालों को ही स्वास्थ्य और सम्पदा के रूप में सफलता का फल मिलता है. जो व्यक्ति बीज-रक्षा का पालन नहीं करेंगे, उनकी बीमारी और गरीबी तेजी से बढ़ती जाएँगी और अंततः ईश्वरीय शक्ति उन्हें नष्ट कर देगी. वर्तमान महामारी, तेजी से बदलती वैश्विक समस्याएं और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं, आदि इसका स्पष्ट संकेत दे रही हैं.

व्यावहारिक कारण: बीज रहित वृक्षों पर फल नहीं लग सकते, फिर, ऐसे वृक्षों को उखाड़ दिया जाता है. मनुष्य भी कोई अपवाद नहीं हैं, इसलिए बीज रहित मनुष्यों को सफलता नहीं मिल सकती. फिर, ईश्वरीय शक्ति जो प्राणऊर्जा के रूप में है, ऐसे मनुष्यों को नष्ट कर देती है.

आध्यात्मिक कारण: 15000 वर्ष पूर्व लिखे गए मनु स्मृति (8.15) से…

मरा हुआ बीज मारने वाले का नाश और रक्षित हुआ बीज, रक्षा करने वाले की रक्षा करता है।

इसलिए बीज को कभी नहीं मारना, इस डर से कि मारा हुआ बीज कभी हमको न मार डाले॥

वैज्ञानिक कारण: एटम के न्यूट्रॉन पार्टिकल को नष्ट करने पर, एटम रेडियो-सक्रिय होकर नष्ट हो जाता है. जीवन विकास में न्यूट्रॉन से बीज का डीएनए बनता है. इसलिए बीज डीएनए को नष्ट करने पर, मनुष्य भी परमाणु की तरह नष्ट हो जाता है. बीज का डीएनए जीवन का सॉफ्टवेयर है.

मनुष्य की दो महान शक्तियां

मन और बीज, इन दो महान शक्तियों के साथ मनुष्य स्वयं ईश्वर ही है. मन जो भी विचार करे, बीज उसे वास्तविकता में साकार करता है

बीज से फल (सफलता)

4,00,000 प्रकार के वनस्पति और 84,00,000 प्रकार के प्राणी बीज-रक्षा का पालन करते हैं, मनुष्य भी इस संदर्भ में कोई अपवाद नहीं है कि बीज से ही फल (सफलता) मिलता है

मनुष्य जीवन के दो रास्ते

‘मरणं बिंदु पातेन, जीवनं बिंदु धारणात्’ अर्थात बीज-क्षरण विफलता रूपी मृत्यु है, बीज-रक्षा सफलता रूपी जीवन है

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ईश्वरीय धर्म बीज-रक्षा : प्राण ऊर्जा ~ ब्लैक होल से बीज तक

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Divine Dharma Save-Seed : Life Energy ~ From Black Hole to Seed

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ईश्वरीय धर्म बीज-रक्षा

प्राण ऊर्जा ~ ब्लैक होल से बीज तक

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बीज-रक्षा से सफलता

मनुष्य अपने मन से जो भी सपना देखता है, वह अवश्य साकार होता है
लेकिन यह दुनिया का सबसे बड़ा भ्रम है कि मनुष्यों ने अपने मस्तिष्क को ही मन समझ लिया है. यह धरती को आसमान बताने जैसा एक झूठ है

पीनियल ग्लैंड के रूप में स्थित हमारा ज़ायगोट बीज ही हमारा मन होता है. हमारे ज़ायगोट बीज का डीएनए ही हमारे मन के रूप में सोचता है। बीज जो सपना सोचता है, वह सपना ही बीज का फल बन जाता है. फिर हमारा शरीर इसी प्रकार के कई बीज बनाता है. यदि बीज-रक्षा का पालन किया जाता है तो अपनी स्वाभाविक प्रवृत्ति से बीज उस फल को मस्तिष्क की सहायता से वास्तविकता में परिवर्तित करता है.

मस्तिष्क को मन समझने के भ्रम में, ज्यादातर लोग क्षणिक आनंद के लिए अपने वास्तविक मन (यानी बीजों) को नष्ट करने के कारण असफल हो जाते हैं.

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4 शब्दों का संकल्प, 3 शब्दों की योजना, 2 शब्दों का समाधान

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बीज-रक्षा क्यों करें ?

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मस्तिष्क मन नहीं है | बीज हमारा मन है

बीज ही फल बनाता है

हम जो सपने देखते हैं, वह हमारे बीजों का फल बन जाते हैं

यदि हम बीज-रक्षा का पालन करते हैं, तो हमारे बीज हमारे सपनों को साकार करते हैं 

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बीज-रक्षा कैसे करें ?

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अपने और भावी पीढ़ियों के सुनहरे भविष्य के लिए एकमात्र ईश्वरीय नियम बीज-रक्षा को समझें, पालन करें और शेयर करें

एक अलाभकारी लोकोपकार